सपनों का दर्द
Posted : July 19, 2009 at 9:59 am [IST]
सपने क्यों हमें सताते हैं
कभी सुख देते,
कभी दुखः देते,
कभी हारने की
उन बाजियों की
जिन्हें जीतना अच्छा होता..
कभी जीत की जो नहीं मिली.
क्यों नहीं सपने छोड़ जाते?
अब क्या करना उनका.
जीवन सपनों से आगे
निकल आया है.
निःसीम आकाश की थाह
लेने.
चाह है
उन तारों में बसे सपनों को
समेट लूं अपने में.
सपने छोड़ जाना है
आने वालों के लिए.
शायद कुछ लोग मिल जाएँ
समय रहते
जो मेरे सपनों को सच
कर दें .
- Indra
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