चेहरे की भाषा

Posted : March 14, 2010 at 9:43 am [IST]

है कठिन बहुत
चेहरा पढ़ना |
चेहरे पर चढ़े
बहुत चेहरे |
चेहरे में छिपे
बहुत चेहरे|
कुछ चेहरे
दूर भगाते हैं,
कुछ हमको
बहुत लुभाते हैं ,
और पास बहुत आ जाते हैं |
पर सत्य उजागर
होता जब,
अहसास भूल का
होता तब
पर रिश्ते गर
बढ़ जाते तब
सुन्दर बीभत्स बन जाता है
और दर्द भयानक होता है |
रिश्ता तो मर ही
जाता है
बिश्वास सभी खो जाता है|

पर फिर भी हम बढ़ते रहते,
चेहरे फिर भी पढ़ते रहते|
क्या यही हमारा जीवन है?

- Indra

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